मोबाइल :बच्चों को भोजन के वक़्त की जरूरत?
मोबाइल :बच्चों को भोजन के वक़्त की जरूरत?

आज के युग में बच्चो को मोबाइल चलाने की सिखाने की जरुरत नहीं पड़ती, वे स्वत: ही सिख जाते है। और चुकी छोटी उम्र से ही मोबाइल देखते देखते खाना खाने की विधि को अपनाने लगते है। माँ पिता सोचते है कुछ तो खाये, पेट भरा रहे, जल्दी खा ले वैगरह वगैरह .. भले ही मोबाइल देखते देखते खाये।

मोबाइल :बच्चों को भोजन के वक़्त की जरूरत? – स्वास्थ्य पर प्रभाव –

माता पिता को भले ही लगता हो की मोबाइल की वजह से बेबी ज्यादा खा रहा है, सब खा लेता है, बिना परेशां किये खा लेता है पर सुनिये जिस विज्ञान ने मोबाइल बनाया है वही ये बात कहता है मोबाइल देखना टीवी देखने से भी ज्यादा घातक है।

ये हड्डियों को कमजोर कर देता है, बच्चे का दिमाग मोबाइल में लगा है तो संपूर्ण आहार खिलाने से भी उसका शरीर उतने पोशाक तत्व नहीं ले पाता जो उसके शरीर को मिलना चाहिए।

मोबाइल दिखने की मुख्य वजह :

माता पिता के मोबाइल दिखाने को लेकर संतुस्ट रहने की 2 ही वजह हो सकती है :
पहली वजह ये की जब बच्चे को भूख लगती है वो उस समय बहुत थके होते है इसलिए बच्चे को खाना खिलने को एक काम निपटाने की तरह लेते है और उन्हें ये ही तरीका सबसे सरल नज़र आता है। इस बात से अंजान होते है माता पिता की समय के साथ ये आदत उन्हें भविष्य में कितनी तकलीफ देने वाली है।
या फिर दूसरी वजह ये हो सकती है कि बच्चे उन्हें परेशान नहीं करते ।

और  भी वजह होती है वो वजह नहीं सिर्फ और सिर्क बहाने  ही होते  है जैसे

1 हमारा बच्चा बहुत ही इंटेलीजेंट है उसकी रूचि बचपन से ही मोबाइल में है
2 हमारा बच्चा खाना खाते वक़्त अच्छे वीडियो देखता है जिससे उसके शरीर और दिमाग दोनों मजबूत होते है
3 कम से कम मैनर्स तो सिख रहा है की खाना एक ही जगह बैठ कर खाया जाता है
वगैरह वगैरह….

सबसे पहले आप ये जान ले की बच्चो को कोई भी बात सिखाने की जरुरत नहीं पड़ती , वे जैसा देखते है वैसा उनके दिमाग में फिट हो जाता है और उससे ही समझ लेकर करते है।

इसलिए सबसे पहले आप खाना खाते समय मोबाइल को बंद रखे चाहे कितना जरूरी कोई कॉल आने वाला हो। और हो सके तो उस कमरे में ही न रखे।
दूसरी अपनी सोच बदलिए की बच्चो को खाना खिलाना एक काम पूरा करने जैसा है। ये वो ही बच्चा है जिसके साथ जीने के लिए आपने 9 महीने और कुछ लोगो ने तो कई कई सालों struggle किया है।

आज वो मौका मिला है तो उसके साथ जियें।आप भी स्वयं बहुत अच्छा महसूस करेंगे और बच्चों का सर्वांगीण विकास भी होगा। अब हमें समझना होगा की सच में क्या सच में मोबाइल :बच्चों को भोजन के वक़्त की जरूरत? है ।

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